
पलियाकलां-खीरी। भारी बारिश के बाद बने भयंकर बाढ़ के हालातों में बाढ़ की मार झेल रहे किसानों का सब्र विधुत आपूर्ति बाधित होने के चलते आखिरकार टूट गया।
आक्रोशित किसानों का दल प्रधानसंघ अध्यक्ष संदीप सिंह के नेतृत्व में उपखण्ड अधिकारी के कार्यालय में धरने पर बैठ गया। एक ओर विधुत अधिकारी बाढ़ के कारण किसी जनहानि की आशंका के कारण विधुत आपूर्ति बहाल करने के पक्ष में नहीं थे तो वहीं बाढ़ पीड़ित किसान किसी भी दशा में विधुत आपूर्ति बहाल करने की मांग पर अड़े थे और किसानों ने यह कहते हुये विधुत विभाग के खिलाफ नारेबाजी आरम्भ कर दी कि जब बाढ़ के बीच अन्य ग्रामीण क्षेत्रो में विद्युत आपूर्ति जारी है तो फिर मरौचा, नीबूआबोझ व बंशीनगर क्षेत्र में क्यों नहीं की जा सकती। किसानों के आक्रोश व धरना प्रदर्शन को देखते हुये विधुत विभाग को थक हार कर विधुत आपूर्ति बहाल करनी पड़ी। धरने के दौरान किसानों ने निलंबित जेई शिवम सिंह का नाम लेते हुये क्षेत्र में हुई अवैध उगाही व विधुत अधिकारियों की संलिप्तता का भी मुद्दा उठाया। विधुत आपूर्ति बहाली के बाद विधुत विभाग की ओर से एक चेतावनी जारी करते हुये कहा गया कि ग्रामीणों के दबाव में विधुत आपूर्ति बहाल की गई है चीनी मिल, नगला, मरौचा आदि क्षेत्रों के लोगों के दबाव में लाइन चालू की गयी है क्षेत्रीय नागरिक स्वम एवं अपने पशुओं को विधुत तारों व खम्भों इत्यादि से दूर रखें ताकि विधुत करंट से किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।






