भू-माफिया द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटवाकर पुनः पैमाइश कराने की मांग
- सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर की कार्रवाई करने की मांग

भू-माफिया द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटवाकर पुनः पैमाइश कराने की मांग
– सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर की कार्रवाई करने की मांग

पलियाकलां-खीरी। शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक पीड़ित किसान ने डीएम के समक्ष पेश होकर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। शिकायती पत्र में भू-माफिया द्वारा उसकी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटवाकर पुनः पैमाइश कराने की मांग की गई है।
नगर निवासी अरविन्द पुत्र दयाकृष्ण ने डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि क्षेत्र के ग्राम गजरौरा में गाटा संख्या 796 के रकबा 0.474 का दर्ज अभिलेख काश्तकार है। उक्त भूमि प्रार्थी को पट्टे से प्राप्त हुई थी। पट्टे की तिथि से तत्कालीन हल्का लेखपाल द्वारा पैमाइश कराकर उसे कब्जा दिया गया था। 20.07.2009 को लेखपाल द्वारा उसे पुनः उक्त दखलनामा दिया गया था। जिससे क्षुब्ध होकर विपक्षी धनंजय विक्रम शाह (जो कि लगभग 500 एकड़ भूमि के जोतकार हैं) द्वारा उच्च न्यायालय खण्डपीठ लखनऊ के समक्ष एक सीलिंग रिट योजित की गई थी। रिट योजित के समय प्रार्थी की फसल मौके पर खड़ी थी। जिस कारण विपक्षी ने न्यायालय के आदेशों का अनुपालन किया और प्रार्थी के कब्जे में किसी भी प्रकार का कोई अवरोध उत्पन्न नहीं किया। किन्तु तत्कालीन लेखपल अरविन्द कुमार द्वारा विपक्षीगण समर्थ बहादुर शाह पुत्र सोमेन्द्र बहादुर शाह व अमित शाह पुत्र सुभाष निवासी ग्राम गजरौरा पटिहन से अनुचित लाभ प्राप्त करके 14.01.2022 को प्रार्थी की खड़़ी फसल नष्ट करवा दी। न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए लेखपाल ने विपक्षीगणों को अवैध रूप से कब्जा दिला दिया। इस पर प्रार्थी ने कई बार शिकायतें कीं, परन्तु लेखपाल द्वारा फर्जी रिपोर्ट लगाकर प्रार्थना पत्रों को निरस्त करा दिया गया गया। प्रार्थी के पास अपनी व अपने परिवार की जीविका चलाने के लिए इसके अलावा अन्य कोई जमीन नहीं है। अवैध कब्जा होने से प्रार्थी भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। इससे पूर्व 15.07.2023 को भी उसने सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की थी, परन्तु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पीड़ित ने उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराकर पुनः पैमाइश कर कब्जा दिलाने की मांग की है।






