टांय टांय फिस्स होता दिख रहा गोकर्ण कारिडोर का निर्माण
- सिर्फ सीमांकन सर्वे तक ही सिमटा कारिडोर का मामला, गोला के चारों तरफ 16 किलोमीटर रिंग रोड का निर्माण भी ठंडे बस्ते में

टांय टांय फिस्स होता दिख रहा गोकर्ण कारिडोर का निर्माण
– सिर्फ सीमांकन सर्वे तक ही सिमटा कारिडोर का मामला, गोला के चारों तरफ 16 किलोमीटर रिंग रोड का निर्माण भी ठंडे बस्ते में

गोलागोकर्णनाथ-खीरी। विधान सभा के लगभग एक वर्ष पूर्व में रहे हर दिल अजीज भाजपा विधायक अरविंद गिरि का सपना था कि गोला छोटी काशी का नाम विश्व पटल पर हो। जिसके लिए वह वर्तमान मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ से कई बार मिले और उनकी मेहनत रंग भी लाई। गोकर्ण निर्माण के लिये प्रदेश सरकार के आला अधिकारियो की देखरेख में तत्कालीन विधायक अरविंद गिरी के साथ में कई बार मन्दिर व आरपास परिसर का मुआयना भी हुआ। विगत लगभग एक वर्ष पूर्व आर्किटेक्ट इन्जीनियरों के साथ स्वर्गीय विधायक अरविंद गिरि ने मन्दिर परिसर का निरीक्षण किया था, लेकिन यह दुर्भाग्य रहा कि वह प्रातः काल लखनऊ जाते समय उनको हार्ट अटैक हो गया। तभी कुछ लोगो ने समझा कि अब तो गोकर्ण कारिडोर का मामला ठंडे बस्ते में चला जायेगा। परन्तु दोबारा हुए उप चुनाव मे स्वर्गीय अरविंद गिरि के पुत्र अमन गिरि को प्रत्याशी बनाया गया और गोला विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उनको सिर आंखो पर बिठाकर भारी बहुमत से विजयी बनाया। सफत ग्रहण के पश्चात विधायक अमन गिरि ने अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिये मुख्यमंत्री से मिल कर गोकर्ण कारिडोर मन्दिर निर्माण को तेजी प्रदान करने के लिये कहा। इसके बाद भी गोकर्ण कारिडोर केवल नपाई व सीमांकन तक ही सीमीत रह गया। इतना ही नहीं लगभग दो वर्ष पूर्व स्वर्गीय विधायक अरविन्द गिरि के अत्यधिक प्रयासांे गोला के चारांे चरफ 16 किलोमीटर रिंग रोड की स्वीकृति भी मिली थी, वह भी ठंडे बस्ते में धूल फांकती नजर आ रही है। अब गोला के लोग यह कह रहे हैं कि यह हम लोगों के लिए मजाक के अलावा कुछ भी नही था ? हलांकि गोला गोकर्णनाथ के कारिडोर का काम कब तेजी पकड पायेगा यह कह पाना अभी मुश्किल है।






