जिला पंचायत सदस्य पति ने की किसानों के बच्चों के भविष्य की चिन्ता
- दर्जनों किसानों के साथ मिल गेट पर दिया सांकेतिक धरना, एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर की बकाया गन्ना भुगतान की मांग

जिला पंचायत सदस्य पति ने की किसानों के बच्चों के भविष्य की चिन्ता
– दर्जनों किसानों के साथ मिल गेट पर दिया सांकेतिक धरना, एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर की बकाया गन्ना भुगतान की मांग

(निर्जेश मिश्र)
पलियाकलां-खीरी। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर क्षेत्र के तमाम किसानों ने जिला पंचायत सदस्य पति की अगुवाई में बजाज चीनी मिल गेट पर सांकेतिक धरना दिया। उसके बाद समस्त किसान तहसील पहुंचे। जहाँ उन्होंने उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों की समस्याओं को गम्भीरता से लेते तत्काल प्रभाव से बकाया गन्ना भुगतान कराने, बच्चों को स्कूलों में शिक्षा से वंचित न रखने एवं परीक्षा में बैठने से न रोकने की मांग की गई है।
बता दें कि वर्षों से किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की समस्या चली आ रही है। इसके लिए किसानों ने तमाम धरने दिए, कई बार अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को इस समस्या से अवगत भी कराया, परन्तु किसानों की समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया। आज भी बजाज चीनी मिल की मनमानी चल रही है और गन्ना किसान लगातार शोषण का शिकार होते चले आ रहे हैं। किसानों की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है, जिसके चलते आवश्यक खर्चों के साथ-साथ किसानों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता चला जा रहा है। किसानों की समस्या को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य पति मनप्रीत सिंह ‘‘मोनू’’ ने क्षेत्र के तमाम किसानों के साथ बजाज चीनी मिल गेट के सामने सांकेतिक धरना दिया। उसके उपरान्त मनप्रीत सिंह की अगुवाई में सभी किसान तहसील पहुंचे। जहां उन्होंने उपजिलाधिकारी कार्तिकेय सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बजाज चीनी मिल द्वारा बकाया गन्ना भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। जिस कारण क्षेत्र के किसानों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या उनके बच्चों की है। जिनकी स्कूलों में फीस न जमा हो पाने के कारण बच्चों को परीक्षा में नहीं बिठाया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों को मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। यदि चीनी मिल द्वारा समय पर बकाया गन्ना भुगतान कर दिया जाता तो उनके बच्चों को शोषण का शिकार नहीं होना पड़ता। स्कूलों की फीस समय से न जमा कर पाने के कारण उन लोगों के बच्चों को स्कूलों से निकाला जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जब तक चीनी मिल द्वारा बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया जाता है, तब तक किसानों के बच्चों को क्षेत्र के सभी विद्यालयों में शिक्षा से वंचित न किया जाए एवं परीक्षा में बैठने से न रोका जाए। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य पति के साथ क्षेत्र के तमाम किसान मौजूद रहे।






