राम के बिना भारत की कल्पना अधूरी : डॉ एसबी गुप्ता
विश्व गुरु की भूमिका में खड़ा हमारा भारत : डॉ एसबी गुप्ता

प्राण प्रतिष्ठा के माध्यम से श्रीराम सेवकों की अभिलाषाओं को मिलेगा मूर्त रूप : डॉक्टर एस बी गुप्ता
मोदी-योगी के दृढ़ संकल्प से मिली रामसेवकों के संघर्ष को सफलता : डॉ0 एस. बी. गुप्ता
पलियाकलाँ-खीरी।(विकास दीक्षित/निरजेश मिश्रा)भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में 22 जनवरी को मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर मंदिर के निर्माण पूरे विश्व की निगाहें इसकी भव्यता और सुंदरता को अपलक निहार रहीं हैं वहीं हमारे बीच कुछ ऐसे लोग हैं, जिनके अंतर्मन में हमसे कई गुना अधिक प्रसन्नता स्फुरित हो रही है, जी हां! हम बात कर रहे हैं उन लोगों की, जिन्होंने श्री राम जन्मभूमि पर राम मंदिर बनाने का सपना देखा था कारसेवकों ने कठिन परिश्रम और यातनाओं के साथ जेल भरो आंदोलन सहित कई बड़े आंदोलन में हिस्सा लेकर राम मंदिर आंदोलन में अपना संघर्ष किया,धर्मरक्षा करने वाले ऐसे महान शूरवीरों को राम मंदिर आन्दोलन के स्थानीय नायक एवं नगर के प्रख्यात चिकित्सक एवं संघ के पूर्व प्रचारक डॉ0 एस बी गुप्ता के आवास पर सम्मानित किया गया। अपने आवास पर आमंत्रित रामसेवकों और स्थानीय गणमान्यजनों को आंदोलन की यादें साझा करते हुये डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि हमें सौभाग्य मिला है कि हम रामकाज में सहभागी बन गए हैं जिस काम को दर्जनों पीढ़ियां नहीं देख पाईं, वो समय 500 साल बाद आया है, राम मंदिर के लिए तीन लाख से ज्यादा लोग बलिदान हुए और 76 से ज्यादा बार संघर्ष हुआ। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोग निश्चित रूप से वंदनीय हैं जिनके कठिन संघर्ष और बलिदान से आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के माध्यम से रामसेवकों की अभिलाषाओं को मूर्तरूप मिलेगा, भारतवर्ष विश्वगुरु की भूमिका निर्वहन कर रहा है, श्रीराम भारत मर्यादा एवं आदर्श हैं, राम के बिना भारतवर्ष की कल्पना ही नहीं कि जा सकती।
बताते चलें कि बीते तीन दशकों से क्षेत्र में चिकित्सा एवं सेवा के लिये पहचाने जाने वाले डा0 एस बी गुप्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आदिवासी जनजाति लोहरदगा झारखण्ड में कई वर्षों तक हिंदुत्व की अलख जगाने के बाद सन 1980 में बिहार राज्य के विद्यार्थी परिषद में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सहित उत्तर प्रदेश भाजपा में विभिन्न महत्त्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने के साथ साथ वर्तमान में चिकित्सा क्षेत्र के ख्यातिप्राप्त चिकित्सक हैं जोकि समय समय पर अपने पुत्र डॉ0 शिवम भगवान गुप्ता के साथ निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के लिये भी पहचाने जाते हैं।
वार्ता के दौरान राम मंदिर आंदोलन के दौरान जेल जाने वाले रामसेवकों में नत्थू सिंह किसान प्रथम, राम वर्मा बाजार द्वतीय, विक्रम मौर्य छोटी पलिया, राम अवतार राना सरखना, वरिष्ठ पत्रकार विश्वकांत त्रिपाठी मोहल्ला इन्द्रानगर,डॉ0 सन्तराम गुप्ता मझगईं, सिंह बोझवा, गंगा राम प्रधान बोझवा, हरिवंश कुमार उर्फ नन्हकू मेम्बर रंगरेजान प्रथम, महेंद्र गुप्ता पूर्व सभासद, राजकुमार गुप्ता बिजली वाले अहिरान, संजय मिश्रा शम्भू ककुपुरियान,केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बड़े भाई व बनवीर पुर प्रधान दिनेश मिश्रा, विमल तिवारी सिंगाही, उमेश जयसवाल पलिया सहित स्व0 पण्डित राम आसरे शुक्ला, स्व0 कृष्णकांत मिश्रा कृष्णा भैया, स्व0 शिवनारायण लाल नाग, स्व0 मदन अरोड़ा आदि अनेकों रामसेवकों के त्याग व संघर्ष पर उपस्थित रामसेवकों है हर्ष व्यक्त करते हुये सभी का वंदन अभिनन्दन किया गया। वार्ता समापन पर डॉक्टर गुप्ता ने वरिष्ठ रामसेवकों को अंगवस्त्र एवं मिष्ठान भेंट करते हुये सम्मानित किया गया।














