पन्द्रहवॉ वित्त और राज्य वित्त धनराशि खर्च न करने में फिसड्डी प्रधान एवं सचिवों की डीएम ने लगाई फटकार
- उपलब्ध धनराशि को खर्च न करने वाली खराब बीस ग्राम पंचायतों की समीक्षा करते हुए डीएम ने दिए निर्देश

पन्द्रहवॉ वित्त और राज्य वित्त धनराशि खर्च न करने में फिसड्डी प्रधान एवं सचिवों की डीएम ने लगाई फटकार
– उपलब्ध धनराशि को खर्च न करने वाली खराब बीस ग्राम पंचायतों की समीक्षा करते हुए डीएम ने दिए निर्देश

लखीमपुर-खीरी। शुक्रवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड में प्रर्दशित बिन्दु पन्द्रहवॉ वित्त एवं पंचम वित्त आयोग के तहत उपलब्ध धनराशि को व्यय न करने वाली सबसे खराब बीस ग्राम पंचायतों की समीक्षा करते हुए संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उक्त ग्रामों की समीक्षा के ग्राम पंचायत अधिकारी नरेन्द्र यादव, ग्राम प्रधान एवं पलिया ब्लाक की ग्राम पंचायत बड़ागांव के ग्राम प्रधान, निघासन की लुधौरी ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान और सिंगाही खुर्द के ग्राम प्रधान अनुपस्थित पाए गए। जिस पर डीएम ने सम्बन्धितों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि केंद्र एवं राज्य वित्त में उपलब्ध धनराशि को ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास में उपयोग न करने वाली पंचायतों का आगामी बैठक में उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। ऐसे ग्राम प्रधानों के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी। संबंधित सचिवों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। डीएम ने उपस्थित सचिवों से ग्रामवार समीक्षा की और निर्देश दिए कि पन्द्रहवॉ वित्त/पंचम वित्त आयोग की उपलब्ध धनराशि को शीघ्र ही युद्ध स्तर पर कार्ययोजना में सम्मिलित कर यथा मिशन कायाकल्प एवं अन्य विकास कार्य को कराकर समस्त वित्तीय नियमों का पालन करते हुए नियमानुसार उपलब्ध धनराशि को व्यय करना सुनिश्चित करें। ताकि जनपद की रैकिंग में अपेक्षित सुधार हो सके। आगामी बैठक में उक्त के सम्बन्ध में समस्त सचिवों की समीक्षा की जायेगी। समीक्षा के दौरान यह भी पाया कि पन्द्रहवाँ वित्त आयोग के अन्तर्गत ब्लॉक फूलबेहड़, बेहजम, ईसानगर, पलिया एवं रमियाबेहड़ तथा पंचम वित्त आयोग के अन्तर्गत ब्लॉक फूलबेहड, पलिया, नकहा, पसगवॉ एवं लखीमपुर की प्रगति जनपद में सबसे खराब पायी गई। उपस्थित एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि प्रतिदिन ग्राम पंचायत वार समीक्षा कर उपलब्ध धनराशि से कार्ययोजना के अनुरूप नियमानुसार विकास कार्यो कराने एवं उपलब्ध धनराशि को व्यय कराना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान डीपीआरओ, एडीपीआरओ, डीसी स्वच्छ भारत मिशन, जिला परियोजना प्रबन्धक तथा जिले में पन्द्रहवाँ वित्त आयोग एवं पंचम वित्त आयोग के अन्तर्गत सबसे खराब प्रगति वाली ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान तथा सचिव उपस्थित रहें।






