सम्मानित पत्रकार पर अमानवीय पोस्ट करने को लेकर मीडियाकर्मियों में रोष
- कोतवाली पहुंचे तमाम पत्रकारों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर की ग्रुप एडमिन से पूछतांछ कर कार्रवाई करने की मांग

सम्मानित पत्रकार पर अमानवीय पोस्ट करने को लेकर मीडियाकर्मियों में रोष
– कोतवाली पहुंचे तमाम पत्रकारों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर की ग्रुप एडमिन से पूछतांछ कर कार्रवाई करने की मांग
– “सारथी जनसेवा ग्रुप” पर की गयी थी पोस्ट, बाबा रूपेश गुप्ता है “सारथी जनसेवा ग्रुप” का एडमिन

सावधान इण्डिया न्यूज, पलियाकलां-खीरी। नगर निवासी एक सम्मानित पत्रकार पर अमानवीय पोस्ट करने को लेकर नगर के समस्त मीडियाकर्मियों में काफी रोष है। समस्त पत्रकारों ने कोतवाली पहुंचकर एक शिकायती पत्र दिया, जिसमें ग्रुप एडमिन से पूछतांछ करते हुए कार्रवाई करने की मांग की गयी है।
बीते सप्ताह पलिया नगर के सम्मानित पत्रकार निर्जेश मिश्रा ने एक समाचार प्रकाशित किया था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि गौरीफंटा पुलिस ने एक गाड़ी को पकड़कर दाखिल किया है। सूत्रों से जानकारी के अनुसार दाखिल की गयी गाड़ी के मामले में किसी अनमोल नामक व्यक्ति का उल्लेख किया गया था। इस समाचार के प्रकाशित होते ही निर्जेश मिश्रा के पास 16 दिसम्बर को 9120040753 से व्हाट्सऐप काॅल किया गया। काॅलर ने बताया कि मैं अनमोल बोल रहा हूं और मैं बाबा रूपेश गुप्ता का दामाद हूं। खबर में अनमोल नाम क्यों लिखा, जबकि खबर में जो नाम लिखा गया था उसमें न तो अनमोल के पिता का नाम था और न ही कोई पता। इसके बाद भी नाम पर आपत्ति जताई गयी थी। इतना ही नहीं काॅलर ने मुकदमा दर्ज कराने की धमकी भी दी थी। उसके दूसरे दिन व्हाट्ऐप के माध्यम से एक नेपाली नम्बर 00977-9822662969 से “सारथी जनसेवा ग्रुप” पर सम्मानित पत्रकार निर्जेश मिश्रा पर एक अमानवीय पोस्ट करके उनकी छवि धूमिल करने एवं उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का कृत्य किया गया। इस पोस्ट से पलिया नगर के समस्त मीडियाकर्मी काफी आक्रोशित हुए। सभी पत्रकारों ने कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए कोतवाली पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक विवेक उपाध्याय को एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। आक्रोशित सभी कलमकारों ने मांग की थी कि जिस व्हाट्सऐप ग्रुप पर पोस्ट की गयी है, उस ग्रुप के एडमिन बाबा रूपेश गुप्ता से पूछतांछ करके सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि प्रभारी निरीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन तो दे दिया था। परन्तु आज तक अभी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। बता दें कि व्हाट्सऐप या फिर सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्मों पर जब कभी कोई आपत्तिजनक पोस्ट या फिर किसी अधिकारी अथवा नेता पर कोई अभद्र टिप्पणी की जाती है तो पलक झपकते ही बिना कोई हीलाहवाली किए पुलिस मुकदमा दर्ज कर लेती है। परन्तु जब अभद्र टिप्पणी करके एक सम्मानित पत्रकार के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने का कार्य किया गया तो पुलिस के पास मुकदमा दर्ज करने के लिए कोई धारा ही नहीं है। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर पत्रकारों में खासा आक्रोश है।






