
हर्षोल्लास से मना गया कन्या जन्मोत्सव, बेटियों को बचाने एवं पढ़ाने का लिया गया संकल्प

लखीमपुर-खीरी। ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ योजना पखवाड़ा के माध्यम से भ्रूण हत्या व बाल लिंग अनुपात में सुधार के मद्देनजर जिला महिला अस्पताल में कन्या जन्मोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें नवजात बालिकाओं के अभिभावकों को बेबी किट मिष्ठान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैलेंडर व बधाई पत्र प्रदान किए गए। प्रशासन की इस पहल पर कन्याओं के जन्म लेने पर परिजनों में खुशियां और उत्साह देखने को मिला।
सीएमएस डॉ ज्योति मल्होत्रा ने कहा कि बेटियां बेटों से किसी भी मामले में कम नहीं होती हैं। हर माता-पिता को अपनी बेटियों को पढ़ने का अवसर जरूर देना चाहिए। जिस गति से शिशु लिंगानुपात घट रहा है, उससे आने वाले दिनों में कई तरह की सामाजिक समस्याएं आ सकती हैं। बेटों की तुलना में बेटी माता-पिता का ज्यादा ख्याल रखती है। महिला कल्याण अधिकारी आर्यमित्रा बिष्ट ने कहा कि हमें बेटी के जन्म पर भी खुशी मनानी चाहिए। देश एवं समाज के विकास हेतु बेटी की परवरिश पर बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए। बेटियों की शिक्षा के प्रति लोग जागरूक बनें और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें। जिला समन्वयक निक्की गुप्ता ने कहा कि बेटियां लक्ष्मी, सरस्वती एवं दुर्गा मां का स्वरूप होती हैं। उनके होने से घर की शोभा बढ़ जाती है। बेटियों के जन्म पर बेटों के जन्म जैसा ही उत्सव मनाना चाहिए। रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ते हुए बेटियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।






