पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहे दो लेखपाल व एक प्राविधिक सहायक निलंबित
- डीसीओ ने 19 दोषी काश्तकारों का निलंबित किया सट्टा, पराली जलाने की घटनाओं को लेकर गम्भीर है प्रशासन

पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहे दो लेखपाल व एक प्राविधिक सहायक निलंबित
– डीसीओ ने 19 दोषी काश्तकारों का निलंबित किया सट्टा, पराली जलाने की घटनाओं को लेकर गम्भीर है प्रशासन

लखीमपुर-खीरी। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने धान व गन्ने की पराली जलाने की घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को पराली जलाने के मामले में विभिन्न तहसीलों के 12 किसानों पर जुर्माना वसूलते हुए 107/116 की कार्यवाही की गई है। साथ ही किसानों के सट्टों को निलंबन की कार्यवाही की गई है। इसके अलावा डीएम ने पराली जलाने से रोकने के दिए गए दिशा निर्देश में लापरवाही बरतने पर दो लेखपाल व एक प्राविधिक सहायक को निलंबित कर दिया है। गन्ना वधान की पराली न जलाए जाने के संबंध में क्षेत्र में व्यापक प्रचार प्रसार न किए जाने एवं लापरवाही बरतने के मामले में गोला एसडीएम रत्नाकर मिश्रा ने लेखपाल शशि प्रकाश सिंह तोमर और पंकज कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं डीडी कृषि ने प्राविधिक सहायक गोकुल प्रसाद को भी पराली प्रकरण में लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित किया है। कई लेखपालों को इस मामले में प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई है। इसके अलावा जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह ने अब तक पराली जलाने के दोषी 19 काश्तकारों के सट्टों को निलंबित कर दिया है। धौरहरा: एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने बताया कि सैटेलाइट के माध्यम से प्राप्त सूचना के अनुसार तहसील धौरहरा अंतर्गत चार स्थानों पर पराली जलाए जाने की सूचना प्राप्त होने पर चिन्हित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन किया गया। ग्राम दुलही थाना पढुआ व ग्राम अदलिसपुर मजरा फूलपुर थाना ईसानगर में इस तरह की घटना प्रकाश में आई। सभी स्थानों पर गन्ने की पत्तियां जलाए जाने की पुष्टि हुई। उत्तरदायी कृषकों को नोटिस देते हुए जुर्माना वसूलकर धारा 107/116 के तहत कार्यवाही की गई। इसके अलावा उत्तरदायी काश्तकारों के गन्ने का सट्टा निलंबन हेतु डीसीओ को रिपोर्ट प्रेषित की गई है। मितौली: एसडीएम विनीत उपाध्याय ने बताया कि सेटेलाइट से दो घटनाएं प्रकाश में आई। पराली जलाने के मामलों में दो काश्तकारों पर 2500-2500 रूपये का जुर्माना लगाते हुए 107/116 के तहत कार्यवाही की गई। साथ ही सट्टा निलंबन के लिए डीसीओ को रिपोर्ट प्रेषित की गई है।






