लखीमपुर खीरी : बाढ़ राहत और जलनिकासी की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
फसलों की तबाही और रास्ते बंद, दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में रोजी-रोटी का संकट


बाढ़ राहत और जलनिकासी की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
पलिया खीरी।तराई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नेपाल की ओर से आने वाले पानी की उचित जलनिकासी न होने के कारण अतर नगर से लेकर फरसैया ग्राम सभा तक हजारों हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। खेतों में खड़ी फसलें गलकर नष्ट होने की कगार पर हैं, जिससे किसानों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है। जलभराव के कारण ग्रामीण सड़कों पर पानी भर जाने से आम आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया है, जिससे स्कूली बच्चों, बीमार मरीजों और दैनिक राहगीरों को भारी कठिनाइयों से गुजरना पड़ रहा है। शासन और प्रशासन की लगातार उपेक्षा से परेशान होकर दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे बंशी नगर में ग्रामीणों ने रविवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर धरातल पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, यह प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।

दरअसल तराई क्षेत्र में जलभराव की इस गंभीर समस्या की मुख्य वजह दुधवा की लाइफलाइन मानी जाने वाली ऐतिहासिक सुहेली नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ना है। प्रदर्शनकारी किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 15 वर्षों से सुहेली नदी में भारी मात्रा में सिल्ट यानी गाद जमा होती आ रही है, जिसकी सफाई न होने के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह पूरी तरह रुक चुका है। नदी के बंद होने से नेपाल से आने वाला उफनाया पानी अब प्राकृतिक मार्गों से बहने के बजाय सीधे किसानों के खेतों और रिहायशी बस्तियों में प्रवेश कर रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र का महत्वपूर्ण नकौवा नाला भी सिल्ट जमने के कारण पूरी तरह सूखने और बंद होने की कगार पर पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र का जल निकासी तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रशासन और वन विभाग के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सुहेली नदी की तुरंत व्यापक स्तर पर डीसिल्टिंग कराकर उसे पुनर्जीवित किया जाए। इसके अलावा बंद पड़े नकहुआ पुल की संपूर्ण सफाई कराई जाए, बंशी नगर से लेकर अतर नगर तक फैले नाले की गाद हटाई जाए, पैरुआ नाले की लीमा फार्म तक व्यवस्थित सफाई हो, और बंशी नगर में दुधवा रोड पर एक नए मजबूत पुल का निर्माण कराया जाए ताकि आवागमन सुचारू हो सके।
धरना दे रहे ग्रामीणों का कहना है कि सुहेली नदी और संबंधित नालों की सफाई होने से क्षेत्र की जलभराव समस्या का हमेशा के लिए खात्मा हो सकता है, जिससे हजारों किसान परिवारों को स्थायी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से जनहित में सुहेली नदी की डीसिल्टिंग के लिए तत्काल जरूरी अनुमतियां जारी करने और अन्य प्रशासनिक मांगों पर शीघ्र काम शुरू कराने की पुरजोर अपील की है। प्रदर्शनकारी किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह उनका पूरी तरह से गैर-राजनीतिक अनिश्चितकालीन धरना है, जो मांगों पर ठोस कदम उठाए जाने तक दिन-रात लगातार जारी रहेगा।





