WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.32 PM
WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.31 PM (1)
WhatsApp Image 2024-10-26 at 12.39.31 PM

सावधान इण्डिया न्यूज" चैनल में आपका स्वागत है, हमारे चैनल से जुड़ने एवं समाचारों व विज्ञापनों के लिए सम्पर्क करें :- 9452092767-9170349999
54498a37-ca18-47e4-95c5-88be12287550
54498a37-ca18-47e4-95c5-88be12287550
Uncategorized

गोविन्द सदन में त्रिदिवसीय साधु संगत समागम में पाँच सौ श्रद्धालुओं ने किया अमृतपान

Savdhan India News


लखनऊ। (निरजेश मिश्रा/मुकेश दत्त शर्मा)
गोबिंद सदन के संस्थापक बाबा विरसा सिंह की प्रेरणा से गोबिंद सदन नई दिल्ली में खालसा पंथ साजना दिवस को समर्पित तीन दिवसीय समागम का आयोजन किया गया इस उपलक्ष पर गुरबाणी गायन, अमृतपान, विशेष हवन, प्रार्थनाएं , निशुल्क मेडिकल कैंप अथवा देश विदेश से आये हुए विद्वानों ने गुरु गोबिंद सिंह साहिब के संदेशों को आये हुए श्रदालुओं को अवगत कराया। आए हुए श्रदालुओं के लिए बड़े स्तर पर रहने व् लंगर की व्यवस्था सुचारु रूप से की गयी।
इस खास मौके पर गोबिंद सदन के मुख्य सेवक भाई हरदीप सिंह ने बाबा विरसा सिंह की प्रेरणा से विश्व शांति के लिए एक बड़े स्तर पर विशेष हवन व् प्रार्थना का आयोजन भी किया इस मौके पर आए हुए श्रदालुओं ने गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा रचित बानी जाप साहिब का गायन किया।
इस ख़ास मौके पर बड़े स्तर पर अमृतपान का आयोजन किया गया। इस बड़े आयोजन में 500 से भी अधिक श्रदालुओं ने बाबा विरसा सिंह के प्यारे सेवक भाई जोगिन्दर सिंह गुरदासपुर वाले की देख -रेख में अमृतपान किया।
बाबा विरसा सिंह के वचनों को याद करते हुए भाई जोगिन्दर सिंह जी (गुरदास पुर वाले) दोहराया कि बाबा विरसा सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जी कि वाणी अनुसार ‘साच कहूं सुन लेहो सभै जिन प्रेम कियो तीन ही प्रभ पायो ‘ ‘मानस की जात सभै एकै पेहचानबो ‘ अथवा देओरा मसीत सोयी पूजा ओ नमाज़ ओही के सन्देश पर चलते हुए गोबिंद सदन नई दिल्ली में गुरुद्वारा, लार्ड जीसस प्लेस (गिरजाघर), मस्जिद, मंदिर, हवन , भगवान मूसा स्थान, भगवान् महावीर व् भगवान बुद्ध के स्थान बनने से गोबिंद सदन सम्पूर्ण विशव में धार्मिक सदभाव की अनूठी मिसाल बन गयी है। इसी लिए पूरे विशव से भिन्न -भिन्न मजहबों को मानने वाले मन की शांति के लिए खिंचे चले आते हैं।
जिक्र योग है कि इस मौके पर सिख जगत के मुख्य विद्वान् भाई सुखजीत सिंह कनहैया जी, बुंगा गोबिंद धाम वाले ( प्रवक्ता बाबा बुड्ढा दल अमृतसर पंजाब ) बोलते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी ने १३ अप्रैल १६९९ वैसाखी के अवसर पर जब खालसा पंथ की साजना व् अमृतपान का आयोजन किया उस समय भारतीय समाज को मुगलों द्वारा हो रहे अहसहनशील जुल्मों से बचाने के लिए अथवा समाज में चेतना को जगाने के लिए खालसा पंथ की साजना अथवा अमृतपान करवा कर भारतीय समाज में नई जान फूँक दी। साथ ही भारतीय समाज में जात पात व् ऊँच-नींच की बढ़ती हुई खाई को ख़तम करने क लिए पहले पाँच प्यारे जिनको अमृत पान करवाया वह पाँचों ही उस समय के हिसाब से नींची जात के थे। उनहोंने बोलते हुए कहा की अगर नवें गुरु तेगबहादुर जी व् गुरुगोबिंद जी ने हो रहे जुल्मों के खिलाफ तलवार ना उठाई होती और अपना अथवा परिवार का बलिदान ना देते तो आज भारत देश भी दुनिया के नक़्शे पर ना होता क्योंकि यह एक ऐतिहासिक सचाई भी है। उस समय के इतिहास अनुसार १३ अप्रैल १६९९ को एक दिन में एक लाख बीस हज़ार लोगों ने अमृतपान किया था। साथ ही बाबा विरसा सिंह जी के बचनों को याद करते हुए कहा की बाबा जी कहते थे कि हर एक भारतीय गुरु गोबिंद सिंह जी का कर्जदार है और हम सबको मिल कर यह कर्ज जल्दी ही उतार देना चाहिए। उसका एक ही तरीका है कि गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी आगमन दिवस घर घर में मनाना चाहिए और उनके संदेशों का पालन करें


Savdhan India News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button