जब कानून के रक्षक ही करेंगे नियमों का उल्लंघन तो आम जनता से कैसे करा पाएंगे नियमों का पालन
पलिया नगर चौकी प्रभारी उदयवीर यादव की बीच सड़क पर खड़ी होती है कार

जब कानून के रक्षक ही करेंगे नियमों का उल्लंघन तो आम जनता से कैसे करा पाएंगे नियमों का पालन
– पलिया नगर चौकी प्रभारी उदयवीर यादव की बीच सड़क पर खड़ी होती है कार

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
सड़क पर या सड़क किनारे खड़ी गाड़ी का चालान करने एवं गाड़ी को खींचकर कोतवाली ले जाने, उसके बाद उसका चालान करने की मुहिम पलिया पुलिस द्वारा तेजी से चलाई जा रही है। अच्छी बात है, इस मुहिम से जनता को राहत मिलेगी और आने-जाने वालों को सहूलियत होगी, सड़कों पर जाम की समस्या नहीं होगी। परन्तु जो इस अभियान को चलाकर वाहन स्वामियों को सुधारने और आम जनता को राहत पहुंचाने का काम कर रहे हों, यदि वही अपनी गाड़ी को बीच सड़क पर खड़ी करते हों तो कैसा लगेगा। हम बात कर रहे हैं पलिया नगर चौकी इंचार्ज की। इन महोदय की चार पहिया गाड़ी अधिकांश पुलिस चौकी के सामने सड़क पर खड़ी होती है। वह भी बीच सड़क पर, जबकि पुलिस चौकी के पास एक तीव्र मोड़ भी है। यदि अचानक कोई वाहन आ जाए तो तीव्र मोड़ होने की वजह से वह निश्चित रूप से चौकी इंचार्ज की गाड़ी से टकरा जाएगा। इससे बड़ा हादसा भी हो सकता। क्या पुलिस के लिए कोई नियम और कानून मायने नहीं रखते या फिर पुलिस के लिए कोई कानून बने ही नहीं हैं। जबकि चौकी इंचार्ज से कहा भी गया कि आपकी गाड़ी सड़क पर खड़ी होती है, इससे बड़ा हादसा हो सकता है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि मेरी गाड़ी सड़क पर खड़ी होती है तो आप चालान कर दीजिए। यदि चालान नहीं कर सकते हो तो फिर क्यों बता रहे हो। कोतवाल साहब से शिकायत कर दो या सीओ साहब से कह दो कि चौकी इंचार्ज की गाड़ी सड़क पर खड़ी होती है। हालांकि अभी भी चौकी इंचार्ज की गाड़ी सड़क पर ही खड़ी पाई जाती है। इससे तो यही स्पष्ट होता है कि आम आदमी यदि नियमों का उल्लंघन करे तो गलत और पुलिस नियमों का उल्लंघन करे तो कुछ नहीं। यदि चौकी इंचार्ज द्वारा गाड़ी खड़ी करने के अंदाज में कोई परिवर्तन नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ी घटना हो सकती है। बता दें कि इस खबर को देखकर चौकी प्रभारी बौखला जाएंगे और निश्चित रूप से खबर लिखने वाले पत्रकार से अपनी भड़ास निकालने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे।





