कमल चौराहा पर पीडब्ल्यूडी की जगह में अवैध रूप से संचालित हो रहा एक होटल
कुछ माह पूर्व इसी जगह होटल खोले जाने पर भेजा गया था नोटिस, कार्रवाई के डर से होटल संचालक ने खाली कर दी थी जगह

कमल चौराहा पर पीडब्ल्यूडी की जगह में अवैध रूप से संचालित हो रहा एक होटल
– कुछ माह पूर्व इसी जगह होटल खोले जाने पर भेजा गया था नोटिस, कार्रवाई के डर से होटल संचालक ने खाली कर दी थी जगह

(निर्जेश मिश्र “सम्पादक”)
पलियाकलां-खीरी। नगर के कमल चौराहा पर एक होटल खोला गया है, जो कि पीडब्ल्यूडी की जगह में है। इस होटल का अभी हाल ही में फीता काटकर शुभारम्भ किया गया है। अवैध रूप से संचालित इस होटल पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने वाले किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ रही है, जबकि होटल मेन चौराहा पर है। जहां से हर समय अधिकारियों का आना-जाना रहता है।
बता दें कि नगर में यदाकदा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है और दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का आदेश भी दिया जाता है। मंगलवार को भी नगर की स्टेशन रोड, मेला रोड एवं सम्पूर्णानगर बाईपास रोड पर नगर पालिका, तहसील एवं पुलिस प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस दौरान एक जेसीबी मशीन भी साथ में चल रही थी, जिसके माध्यम से अतिक्रमण हटाया गया था और कुछ व्यापारियों को अनाउंसमेंट करके शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी भी दी गई थी। परन्तु कमल चौराहा पर पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध रूप से खोले गए एक होटल पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ी, जबकि इसी जगह पर कुछ माह पूर्व एक होटल खोला गया था, जिसे तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी करते हुए पीडब्ल्यूडी की जगह बताकर हटवा दिया गया था। दरअसल जिस व्यक्ति ने होटल खोला था वह एक छोटा व्यक्ति और गरीब परिवार से था। उसकी किसी भी अधिकारी या फिर नेता तक पहुंच नहीं थी। जिस वजह से उसे वहां से होटल हटाना पड़ा था। कुछ माह बीत जाने के बाद ही उसी जगह पर अब फिर से एक होटल खोला गया है। अब सोचिए कि जगह वही है और अधिकारी भी वही हैं। इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी की जगह पर होटल खोल दिया गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर क्यों ? क्योंकि इस बार जो होटल खोला गया है, बताया जा रहा है कि किसी रसूखदार नेता ने उसका फीता काटकर उद्घाटन किया था। इसलिए अब न तो वह जगह पीडब्ल्यूडी की है और न ही वहां पर कोई अतिक्रमण हो रहा है। यह सच है कि छोटा और गरीब आदमी यदि चार पैसे के लिए कोई काम करता है तो उसे अवैध ठहराकर, डरा-धमकाकर एवं प्रताड़ित कराकर किसी न किसी तरीके से धड़ाम कर दिया जाता है। यदि वही काम कोई ऐसा व्यक्ति करे, जिसकी कुछ रसूखदारों तक पहुंच हो तो उसे न तो कोई अवैध कहता है और न ही कोई डराने-धमकाने की हिम्मत करता है, बल्कि उसे ढेर सारे लोग समर्थन देकर अवैध काम करने के लिए उसका हौसला बढ़ाने का काम करने लगते हैं। ऐसा ही कुछ कमल चौराहा पर बीते महीनों होटल खोलने वाले के साथ किया गया था। अब देखना होगा कि क्या इस होटल को अवैध ठहराकर पीडब्ल्यूडी की जगह खाली कराई जाती है या फिर होटल संचालक को संरक्षण देकर उसका हौसला बढ़ाने का काम किया जाता है।





