जिला विकास अधिकारी के संरक्षण चल रहा भृष्टाचार का खेल… भृस्टाचारी पास – शिकायतकर्ता फेल

जिला विकास अधिकारी के संरक्षण फेलमें चल रहा भ्रष्टाचार का खेल
भृस्टाचारी पास – शिकायतकर्ता
लखीमपुर-खीरी। जिला विकास अधिकारी दिनकर कुमार विद्यार्थी के संरक्षण में भृष्टचार के आरोपी सचिवों द्वारा जमकर धांधलियां किये जाने की शिकायतों के बावजूद उनपर विशेष मेहरबानी के आरोपों के बीच जिला विकास अधिकारी के चहेतों द्वारा गंभीर अनियमितताओं के साथ शासकीय धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
डीडीओ की कारस्तानियों का पहला उदाहरण विकास खण्ड पालिया के ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र मौर्या का है, जिनके द्वारा ग्राम पंचायत अतरिया में बगैर पीसीसी इंटरलाकिंग सड़कें बनाकर पीसीसी का भुगतान भी निकाल लेने का मामला प्रकाश में आया है। डीडीओ के चहेते सचिव की लिखित शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता जितेंद सिंह ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के बाद उनके द्वारा निर्माण कार्यों में धांधली की शिकायतें उच्चाधिकारियों को को प्रेषित की गयीं थीं, किंतु अज्ञात कारणोंवश लिखितरूप में ऑनलाइन आईजीआरएस के माध्यम से प्रेषित शिकायतों को धीरेंद्र मौर्या के संरक्षक बताये जाने वाले उच्चाधिकारियों ने अपने प्रभाव से दवबा रखा है। लिखित शिकायतों को ठंढे बस्ते में देख शिकायतकर्ता ने लगभग एक महीना पूर्व ग्राम पंचायत अतरिया के पीसीसी रहित मानक विहीन इंटरलाकिंग निर्माण कार्यों की शिकायत की थी जो जिसपर अभी भी विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई भी जाँच आख्या नही दी गयी है।
फिलहाल पलिया ब्लाक के चर्चित ग्राम विकास अधिकारी धीरेंद्र मौर्या के भृष्टाचार को वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है वह शसकीय लूटखसोट का पहला उदाहरण है, कई अन्य बड़े बड़े संरक्षित सचिवों की दास्तानें अभी शेष हैं।







